القارعة
The Striking Calamity • 11 ayahs • Meccan
بِسْمِ ٱللَّهِ ٱلرَّحْمَٰنِ ٱلرَّحِيمِ
1वह खड़खड़ा देने वाली।
2क्या है वह खड़खड़ा देने वाली?
3और तुम क्या जानो कि वह खड़खड़ा देने वाली क्या है?[1]
4जिस दिन लोग बिखरे हुए पतिंगों की तरह हो जाएँगे।
5और पर्वत धुने हुए रंगीन ऊन की तरह हो जाएँगे।[2]
6तो जिसके पलड़े भारी हो गए,
7तो वह संतोषजनक जीवन में होगा।
8तथा जिसके पलड़े हल्के हो गए,
9उसका ठिकाना 'हाविया' (गड्ढा) है।
10और तुम क्या जानो कि वह ('हाविया') क्या है?
11वह एक बहुत गर्म आग है।[3]