التكاثر
The Rivalry in Worldly Increase • 8 ayahs • Meccan
بِسْمِ ٱللَّهِ ٱلرَّحْمَٰنِ ٱلرَّحِيمِ
1तुम्हें (धन, संतान की) बहुतायत पर गर्व ने ग़ाफ़िल कर दिया।
2यहाँ तक कि तुम क़ब्रिस्तान जा पहुँचे।[1]
3कदापि नहीं, तुम शीघ्र ही जान लोगे।
4फिर कदापि नहीं, तुम शीघ्र ही जान लोगे।
5कदापि नहीं, यदि तुम निश्चित ज्ञान के साथ जान लेते (तो ऐसा न करते)।[2]
6निश्चय तुम अवश्य जहन्नम को देखोगे।
7फिर निश्चय तुम उसे अवश्य विश्वास की आँख से देखोगे।
8फिर निश्चय तुम उस दिन नेमतों के बारे में अवश्य पूछे जाओगे।[3]