التين
The Fig • 8 ayahs • Meccan
بِسْمِ ٱللَّهِ ٱلرَّحْمَٰنِ ٱلرَّحِيمِ
1क़सम है अंजीर की! तथा ज़ैतून की!
2एवं "तूरे सीनीन" की क़सम!
3और इस शान्ति वाले नगर की क़सम!
4निःसंदेह हमने इनसान को सबसे अच्छी संरचना में पैदा किया है।
5फिर हमने उसे सबसे नीची हालत की ओर लौटा दिया।
6परंतु जो लोग ईमान लाए तथा उन्होंने सत्कर्म किए, उनके लिए समाप्त न होने वाला बदला है।
7फिर (ऐ मनुष्य) तुझे कौन-सी चीज़ बदले (के दिन) को झुठलाने पर आमादा करती है?
8क्या अल्लाह सब हाकिमों से बड़ा हाकिम नहीं है?