الناس
Mankind • 6 ayahs • Meccan
بِسْمِ ٱللَّهِ ٱلرَّحْمَٰنِ ٱلرَّحِيمِ
1(ऐ नबी!) कह दीजिए : मैं शरण लेता हूँ लोगों के पालनहार की।
2लोगों के बादशाह की।
3लोगों के सत्य पूज्य की।[1]
4वसवसा डालने वाले, पीछे हट जाने वाले की बुराई से।
5जो लोगों के दिलों में वसवसे डालता है।
6जिन्नों और इनसानों में से।[2]