Al-Humazah

الهمزة

The Gossipmonger9 ayahsMeccan

بِسْمِ ٱللَّهِ ٱلرَّحْمَٰنِ ٱلرَّحِيمِ

وَيۡلٞ لِّكُلِّ هُمَزَةٖ لُّمَزَةٍ﴿١

1विनाश है प्रत्येक बहुत ग़ीबत करने वाले और बहुत दोष लगाने वाले के लिए।

ٱلَّذِي جَمَعَ مَالٗا وَعَدَّدَهُۥ﴿٢

2जिसने धन एकत्र किया और उसे गिन-गिन कर रखा।

يَحۡسَبُ أَنَّ مَالَهُۥٓ أَخۡلَدَهُۥ﴿٣

3वह समझता है कि उसके धन ने उसे हमेशा रहने वाला बना दिया?[1]

كَلَّاۖ لَيُنۢبَذَنَّ فِي ٱلۡحُطَمَةِ﴿٤

4कदापि नहीं, वह अवश्य 'ह़ुतमा' में फेंका जाएगा।

وَمَآ أَدۡرَىٰكَ مَا ٱلۡحُطَمَةُ﴿٥

5और तुम क्या जानो कि वह 'हुतमा' क्या है?

نَارُ ٱللَّهِ ٱلۡمُوقَدَةُ﴿٦

6वह अल्लाह की भड़काई हुई आग है।

ٱلَّتِي تَطَّلِعُ عَلَى ٱلۡأَفۡـِٔدَةِ﴿٧

7जो दिलों तक जा पहुँचेगी।

إِنَّهَا عَلَيۡهِم مُّؤۡصَدَةٞ﴿٨

8निःसंदेह वह उनपर बंद कर दी जाएगी।

فِي عَمَدٖ مُّمَدَّدَةِۭ﴿٩

9लंबे-लंबे स्तंभों में।[2]

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